वायरलेस चार्जिंग क्या है और कैसे काम करता है
हेलो दोस्तो आज में आपको वायरलेस चार्जिंग क्या है और कैसे काम करता है इसके बारेमे बताने वाला हु. आजकल धीरे धीरे चीजे वायरलेस होती जा रही है. वायरलेस चार्जिंग यह टेक्नोलॉजी 100 साल पहले ही आया था. तब से इस टेक्नोलॉजी पर काम चालू है. इसे निकोला टेस्ला ने वायरलेस चार्जिंग का निर्माण किया था जो कि बिना तार के बिजली की आपूर्ति कैसे करे. आपने देखा होगा की कुछ स्मार्टफने Wireless charging के साथ आते है. वायरलेस चार्जिंग सबसे पहले Palm फ़ोन में आया था पर उस समय यह ज्यादा पॉपुलर टेक्नोलॉजी नही था. अभी फ्लैगशिप स्मार्टफ़ोन Apple और Samsung में ये टेक्नोलॉजी देखने को मिलती है. आपके पास केबल चार्जिंग करने के लिए केबल नही होती है तब इस वायरलेस चार्जिंग का उपयोग होता है तो चलिए वायरलेस चार्जिंग क्या है और कैसे काम करता है इसके बारेमे जान लेते है.
वायरलेस चार्जिंग क्या है
वायरलेस चार्जिंग में केबल लगाने की जरूरत नही पड़ती है जहा आप इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन ट्रांसमीटर और फ़ोन में रिसीवर कॉइल होती है फ़ोन को इस इंडक्शन ट्रांसमीटर के संपर्क में लाते ही एक विद्युत प्रवाह तैयार होती है यह विद्युत प्रवाह डीसी में कन्वर्ट होता है जिससे फ़ोन की बैटरी चार्ज होती. Wireless charging में इलेक्ट्रिसिटी भेजने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन का यूज़ किया जाता है. वायरलेस चार्जिंग फ़ोन के पीछे के हिस्से में इंडक्शनद्वार रिसीवर ऊर्जा भेजता है.
विद्युत चुंबकीय चार्जर को बनाने के लिए इंडक्शन कॉइल का उपयोग किया जाता है जो फ़ोन में रिसीवर कॉइल बैटरी में भरने के लिए विद्युत प्रवाह स्थलांतरित करता है. फ़ोन में आपको अलग अलग डिज़ाइन में रिसीवर कॉइल मिल सकती है जैसे फ़ोन के बैक में, बैटरी के यूजर कुछ फ़ोन्स में आपको एक्स्ट्रा रिसीवर कॉइल खरीदना जोड़ता है. इसमे दो तरह के रिसीवर कॉइल होते है जैसे ट्रांसमीटर में सिंगल कॉइल होगा तो आपका फ़ोन थोड़ा भी हिलेगा तो करंट काम ज्यादा हो जाएगा इससे आपका फ़ोन की चार्जिंग बंद चालू हो जाएगा दूसरे में ट्रांसमीटर में छोटे छोटे कएल होते है इसमें अगर आपका फ़ोन हिलेगा तो भी समांतर इलेक्ट्रिक करंट ट्रांसफर होगा और चार्जिंग में कोईदिख्खत नही होगी.
वायरलेस चार्जिंग का भविष्य क्या है
जैसे कि हम जानते है कि वायरलेस चार्जिंग विद्युत चुंबकीय माध्यम से डिवाइस में ऊर्जा स्थलांतरित करता है. ऐसे में भाविष्य में क्या क्या वायरलेस हो जाएगा आईये जानते है. अब तक आपको वायरलेस चार्जिंग कार, मोबाइल, वॉचेस, टूथब्रुश में देखने को मिली है. जैसे फ़ोन में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड की मदत से चार्जिंग होती है यह तो आपको पता है क्यों न ऐसा हो की फ़ोन 10 मीटर धुर रख लिया और चार्ज हो जाये. इसी को ध्यान में रखते हुए Infrared Charging यह टेक्नोलॉजी काफी अडवांस्ड है. आप अपने स्मार्टफोन को 10 मीटर की दूरी तक चार्ज होंगे इतना ही नही बाकी गैजेट भी चार्ज होंगे. इसमे आप एक रूम में सिंगल चार्जिंग पोर्ट को लगाकर आपके मोबाइल और कई सारे उपकरणों को जैसे TV रिमोट, वायरलेस डोर लॉक, कैमरा इन सभी को चार्ज कर सकते है.
दोस्तो आपने Wireless Charging क्या है यह आपको पता चल ही गया. वायरलेस चार्जिंग फ़ोन को चार्ज करने के आसन तरीका है यानी आपको चार्जिंग पैड पे फ़ोन रखना है और चार्जिंग सुरु हो जाएगी. आपको ध्यान देना है फ़ोन के लिए वायरलेस चार्जिंग काफी धीमी होती है. यह सभी फ़ोन में अवेलेबल नही है. जो फ्लैगशिप फ़ोन है उनमें वायरलेस चार्जिंग का फीचर होता है.

